शैडोफैक्स टेक्नोलॉजीज आईपीओ: जानें डिटेल्स

शैडोफैक्स का आईपीओ 20 से 22 जनवरी तक, प्राइस बैंड ₹118-124, एंकर बिड 19 जनवरी, BSE-NSE लिस्टिंग का प्रस्ताव।

JR Choudhary
JR Choudhary Official | Verified Expert • 05 Aug, 2014 Chief Editor
Jan 15, 2026 • 5:48 PM  0
N
Nav 18
BREAKING
JR Choudhary
2 months ago
शैडोफैक्स टेक्नोलॉजीज आईपीओ: जानें डिटेल्स
शैडोफैक्स का आईपीओ 20 से 22 जनवरी तक, प्राइस बैंड ₹118-124, एंकर बिड 19 जनवरी, BSE-NSE लिस्टिंग का प्रस्ताव।
Full Story: https://www.nav18.in/s/8a61f1
https://www.nav18.in/s/8a61f1
Copied
शैडोफैक्स टेक्नोलॉजीज आईपीओ: जानें डिटेल्स
शैडोफैक्स टेक्नोलॉजीज आईपीओ: जानें डिटेल्स

लॉजिस्टिक्स और लास्ट-माइल डिलीवरी सेक्टर में सक्रिय शैडोफैक्स टेक्नोलॉजीज लिमिटेड का लंबा इंतजार आखिरकार खत्म होने जा रहा है। कंपनी ने अपने इनिशियल पब्लिक ऑफर (आईपीओ) की तारीखों और अन्य महत्वपूर्ण विवरणों की घोषणा कर दी है। यह आईपीओ मंगलवार, 20 जनवरी 2026 को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा और गुरुवार, 22 जनवरी 2026 को बंद होगा।

कंपनी ने इस ऑफर के लिए प्राइस बैंड ₹118 से ₹124 प्रति इक्विटी शेयर तय किया है। फेस वैल्यू ₹10 वाले इन शेयरों के लिए फ्लोर प्राइस फेस वैल्यू का 11.8 गुना और कैप प्राइस 12.4 गुना है। निवेशक न्यूनतम 120 इक्विटी शेयरों के लिए बोली लगा सकेंगे और इसके बाद 120 के मल्टीपल में अतिरिक्त शेयरों की मांग कर सकेंगे। ऊपरी बैंड पर न्यूनतम निवेश की राशि लगभग ₹14,880 होगी।

कुल ऑफर साइज ₹19,072.69 मिलियन (₹1,907.27 करोड़) है, जिसमें ₹10,000 मिलियन (₹1,000 करोड़) तक का फ्रेश इश्यू और ₹9,072.69 मिलियन (₹907.27 करोड़) तक का ऑफर फॉर सेल शामिल है। फ्रेश इश्यू से जुटाई गई राशि का उपयोग कंपनी अपनी व्यावसायिक जरूरतों जैसे नेटवर्क विस्तार और अन्य परिचालन विकास में करेगी, जबकि ऑफर फॉर सेल मौजूदा शेयरधारकों द्वारा अपनी हिस्सेदारी बेचने का हिस्सा है।

एंकर निवेशक सोमवार, 19 जनवरी 2026 को बोली लगा सकेंगे। यह आईपीओ बुक बिल्डिंग प्रक्रिया के तहत किया जा रहा है, जिसमें नेट ऑफर का कम से कम 75% हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIBs) के लिए आरक्षित है। QIB हिस्से का 60% तक एंकर निवेशकों को विवेकाधीन आधार पर आवंटित किया जा सकता है, जिसमें घरेलू म्यूचुअल फंडों और जीवन बीमा कंपनियों/पेंशन फंडों के लिए विशेष आरक्षण है।

नेट QIB हिस्से का 5% केवल म्यूचुअल फंडों के लिए रखा गया है, जबकि अधिकतम 15% नॉन-इंस्टीट्यूशनल बिडर्स (NIBs) और 10% रिटेल इंडिविजुअल निवेशकों के लिए उपलब्ध होगा। NIB कैटेगरी में छोटे और बड़े आवेदनों के लिए उप-आरक्षण भी हैं। यदि किसी कैटेगरी में कम सब्सक्रिप्शन होता है, तो शेयरों को SEBI नियमों के अनुसार अन्य कैटेगरी में शिफ्ट किया जा सकता है।

इस ऑफर के लिए ICICI Securities Limited, Morgan Stanley India Company Private Limited और JM Financial Limited बुक रनिंग लीड मैनेजर हैं। शेयर BSE और NSE दोनों एक्सचेंजों पर लिस्ट होने का प्रस्ताव है, जिसमें NSE को डेसिग्नेटेड स्टॉक एक्सचेंज बनाया गया है।

पात्र कर्मचारियों के लिए भी अलग से आरक्षित हिस्सा है, जहां उनकी बोली ऑफर प्राइस या उससे अधिक होने पर आनुपातिक आवंटन होगा। एंकर निवेशकों को छोड़कर सभी अन्य निवेशकों के लिए ASBA (Application Supported by Blocked Amount) प्रक्रिया अनिवार्य है, जिसमें आवेदन राशि उनके बैंक खाते में ब्लॉक हो जाती है।

इच्छुक निवेशक विस्तृत जानकारी और रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) कंपनी की वेबसाइट https://www.shadowfax.in/investor-relations/ipo-disclosures/offer-documents पर पढ़ सकते हैं। यह दस्तावेज ऑफर की पूरी शर्तों, जोखिमों और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों को स्पष्ट रूप से बताता है।

शैडोफैक्स टेक्नोलॉजीज, जो डिजिटल कॉमर्स इकोसिस्टम के साथ मिलकर काम करती है, तेजी से बढ़ते लॉजिस्टिक्स सेक्टर में अपनी मजबूत स्थिति के साथ बाजार में कदम रख रही है। निवेशकों को सलाह है कि आवेदन से पहले RHP को ध्यान से पढ़ें और अपनी जोखिम सहनशीलता के अनुसार फैसला लें।

यह आईपीओ उन निवेशकों के लिए खास रुचि का विषय बन सकता है जो भारत के तेजी से विकसित हो रहे ई-कॉमर्स और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में हिस्सेदारी चाहते हैं। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि ऑफर की संरचना और कंपनी की ग्रोथ संभावनाएं इसे आकर्षक बना सकती हैं।

JR Choudhary Official | Verified Expert • 05 Aug, 2014 Chief Editor

Founder : Nav18 News. He is passionate about merging cutting-edge code with digital storytelling to redefine how the world consumes information.

amp_stories Web Stories
login Login
local_fire_department Trending menu Menu