रामदेवरा में मारवाड़ महासम्मेलन: जातिवाद के खात्मे का ऐतिहासिक संकल्प
रामदेवरा में मारवाड़ महासम्मेलन में सर्व समाज ने एकजुट होकर जातिवाद के खात्मे का संकल्प लिया, एक अनूठा एकता संगम देखने को मिला।
Key Highlights
- रामदेवरा में आयोजित हुआ 'मारवाड़ महासम्मेलन', जिसमें सर्व समाज ने लिया भाग।
- प्रतिभागियों ने जल कलश के माध्यम से जातिवाद और छुआछूत के खात्मे का संकल्प लिया।
- यह आयोजन सामाजिक समरसता और भाईचारे का एक महत्वपूर्ण प्रतीक बनकर उभरा।
राजस्थान के रामदेवरा में हाल ही में आयोजित 'मारवाड़ महासम्मेलन' ने सामाजिक एकता की एक नई मिसाल कायम की है। बाबा रामदेव जी की पवित्र भूमि पर हुए इस विराट आयोजन में सर्व समाज के हजारों लोगों ने एक साथ मिलकर जातिवाद और छुआछूत जैसी सामाजिक बुराइयों को जड़ से मिटाने का ऐतिहासिक संकल्प लिया। यह पहल न केवल मारवाड़ क्षेत्र के लिए, बल्कि पूरे देश के लिए सामाजिक समरसता का एक प्रबल संदेश है।
इस महासम्मेलन का सबसे महत्वपूर्ण और भावनात्मक पल तब आया, जब सभी समुदायों के प्रतिनिधियों ने एक बड़े जल कलश में विभिन्न नदियों और धार्मिक स्थलों से लाए गए जल को प्रवाहित किया। इस पवित्र जल कलश को साक्षी मानकर उपस्थित जनसमूह ने शपथ ली कि वे किसी भी प्रकार के जातिगत भेदभाव को स्वीकार नहीं करेंगे और समाज में समानता व भाईचारे को बढ़ावा देंगे।
आयोजकों ने बताया कि इस महासम्मेलन का मुख्य उद्देश्य समाज में व्याप्त कुरीतियों को दूर करना और सभी वर्गों को एक मंच पर लाना है। रामदेवरा, जो सदियों से सांप्रदायिक सद्भाव और एकता का प्रतीक रहा है, ऐसी पवित्र प्रतिज्ञा के लिए एक आदर्श स्थान है। यहां बाबा रामदेव जी ने स्वयं अपने जीवनकाल में जात-पात से ऊपर उठकर मानवता की सेवा का संदेश दिया था।