हेल्थ मैनेजमेंट एजुकेशन को बढ़ावा देने के लिए IIHMR और Shobhit यूनिवर्सिटी के बीच MoU
IIHMR और Shobhit यूनिवर्सिटी ने हेल्थ मैनेजमेंट शिक्षा व रिसर्च को बढ़ावा देने के लिए MoU साइन किया।
जयपुर, 19 मार्च 2026: हेल्थ मैनेजमेंट शिक्षा और अनुसंधान को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए IIHMR University और Shobhit University के बीच तीन वर्ष के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। यह साझेदारी स्वास्थ्य क्षेत्र में शैक्षणिक उत्कृष्टता, अनुसंधान और कौशल विकास को नई दिशा देने का लक्ष्य रखती है।
इस MoU के तहत दोनों संस्थान संयुक्त रूप से विभिन्न शैक्षणिक और शोध गतिविधियों को आगे बढ़ाएंगे। इनमें जॉइंट रिसर्च प्रोजेक्ट्स, फैकल्टी एक्सचेंज प्रोग्राम और छात्रों के लिए शैक्षणिक व सह-पाठ्यक्रम गतिविधियाँ शामिल हैं। इस सहयोग के माध्यम से न केवल ज्ञान का आदान-प्रदान होगा, बल्कि छात्रों को व्यावहारिक अनुभव और उद्योग की जरूरतों के अनुरूप कौशल भी प्राप्त होंगे।
इसके अलावा, दोनों विश्वविद्यालय मिलकर वर्कशॉप, सेमिनार और प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन करेंगे, जिनका उद्देश्य हेल्थ मैनेजमेंट क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देना और छात्रों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना है। यह पहल विशेष रूप से उन छात्रों के लिए लाभकारी होगी जो स्वास्थ्य सेवाओं के प्रबंधन, नीति निर्माण और रिसर्च में करियर बनाना चाहते हैं।
Dr. P. R. Sodani ने इस अवसर पर कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में तेजी से बदलती चुनौतियों का सामना करने के लिए संस्थानों के बीच सहयोग अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यह साझेदारी छात्रों और फैकल्टी को सीखने और शोध के बेहतर अवसर प्रदान करेगी, साथ ही हेल्थकेयर सिस्टम के लिए नवाचार और साक्ष्य-आधारित समाधान विकसित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
इस समझौते पर औपचारिक हस्ताक्षर Dr. P. R. Sodani और Prof. Ranjeet Singh द्वारा किए गए, जिससे दोनों संस्थानों के बीच सहयोग की नई शुरुआत हुई। यह कदम उच्च शिक्षा संस्थानों के बीच रणनीतिक साझेदारी के महत्व को भी दर्शाता है।
शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में इस प्रकार की पहलें देश में गुणवत्ता सुधार और नवाचार को बढ़ावा देती हैं। साथ ही, यह साझेदारी छात्रों को वैश्विक दृष्टिकोण प्रदान करने और उन्हें प्रतिस्पर्धी वातावरण के लिए तैयार करने में सहायक सिद्ध होगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि हेल्थ मैनेजमेंट जैसे उभरते हुए क्षेत्र में इस प्रकार के सहयोग से न केवल शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं की प्रभावशीलता भी बढ़ेगी। यह MoU भविष्य में कई नए अवसरों और परियोजनाओं का मार्ग प्रशस्त कर सकता है।