मुंबई। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि भविष्य के विकास की मजबूत नींव शोध और नवाचार से ही तैयार होती है। मुंबई में NICMAR द्वारा आयोजित 'भारत नव-निर्माण चैलेंज 2026' के पहले संस्करण के भव्य ग्रैंड फिनाले में गडकरी जी ने युवा इंजीनियरों को 'विकसित भारत 2047' के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का आह्वान किया।

देशभर के 500 से अधिक शिक्षण संस्थानों के 20,000 से ज्यादा छात्रों ने इस राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में भाग लिया। पिंपरी चिंचवड़ कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग की टीम ने विजेता बनने का गौरव हासिल किया। विजेता टीम को 30 लाख रुपये के पुरस्कार पूल और ग्लोबल इंफ्रास्ट्रक्चर एक्सीलेंस टूर से सम्मानित किया गया।

मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित नितिन गडकरी ने अपने संबोधन में जोर दिया कि हमारे युवा इंजीनियर लागत प्रभावी समाधान निकालते हुए गुणवत्ता बनाए रखने और नई तकनीकों के जरिए देश को आत्मनिर्भर बनाने की क्षमता रखते हैं। उन्होंने कहा, “भविष्य के विकास के लिए भविष्यवादी शोध बेहद जरूरी है।” गडकरी जी के इन शब्दों ने पूरे कार्यक्रम में नवाचार और आत्मनिर्भरता की भावना को और मजबूत किया।

NICMAR के चेयरमैन अजीत गुलाबचंद ने इस आयोजन के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा, “भारत नव-निर्माण चैलेंज का मकसद छात्रों को केवल डिग्रीधारी नहीं, बल्कि वास्तविक समस्याओं का समाधान खोजने वाले नवोन्मेषी पेशेवर बनाना है। मजबूत भारत का निर्माण मजबूत प्रतिभाओं से ही संभव है।” उनके इस बयान ने शिक्षा और उद्योग के बीच की खाई को पाटने की दिशा में एक सकारात्मक कदम साबित हुआ।

प्रतियोगिता के साथ-साथ आयोजित इंडस्ट्री-एकेडेमिया कॉन्क्लेव में नीति-निर्माताओं, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों और शिक्षाविदों ने टिकाऊ, तकनीक-संचालित और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर व्यवस्था पर विस्तृत चर्चा की। इस मंथन सत्र में भविष्य की चुनौतियों और समाधानों पर फोकस किया गया, जो युवा प्रतिभाओं, उद्योग और शिक्षा जगत के बीच मजबूत साझेदारी का प्रेरक उदाहरण बन गया।

'भारत नव-निर्माण चैलेंज' जैसी पहलें युवा इंजीनियरों को वास्तविक दुनिया की समस्याओं से रूबरू कराती हैं और उन्हें व्यावहारिक समाधान विकसित करने का अवसर प्रदान करती हैं। इस प्रतियोगिता ने साबित किया कि भारत के युवा न केवल सपने देख रहे हैं बल्कि उन्हें हकीकत में बदलने की दिशा में भी सक्रिय हैं।

नितिन गडकरी ने अपने संबोधन में इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में हो रहे नवाचारों का जिक्र करते हुए कहा कि सड़क, राजमार्ग और अन्य परियोजनाओं में नई तकनीकों का उपयोग लागत घटाने और गुणवत्ता बढ़ाने में सहायक सिद्ध हो रहा है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे शोध पर फोकस करें और वैश्विक स्तर पर भारत की छवि को और मजबूत बनाएं।

यह आयोजन 'विकसित भारत 2047' के विजन को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। NICMAR जैसे संस्थानों की ऐसी पहलें शिक्षा को रोजगारपरक और नवाचारोन्मुख बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। कार्यक्रम में शामिल सभी प्रतिभागियों, विजेताओं और वक्ताओं ने मिलकर एक सकारात्मक संदेश दिया कि भारत के युवा ही देश के उज्ज्वल भविष्य की नींव हैं।