जालोर, 17 मार्च 2026। जालोर जिले की पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने बहुचर्चित गणपतसिंह मांडोली हत्याकांड का खुलासा करते हुए एक महिला सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह हत्या अवैध संबंधों से जुड़े ब्लैकमेलिंग विवाद के कारण की गई थी। 

पुलिस के अनुसार 28 अगस्त 2024 को प्रार्थी कल्याणसिंह पुत्र रणजीतसिंह राजपूत (निवासी मांडोली, थाना रामसीन) ने रिपोर्ट दर्ज करवाई थी कि उसका भाई गणपतसिंह 27 अगस्त 2024 की रात करीब 7:30 बजे अपनी मोटरसाइकिल लेकर दुकान से कहीं चला गया था और वापस नहीं लौटा। काफी तलाश के बाद भी उसका पता नहीं चला।

अगले दिन 28 अगस्त 2024 को सरहद मांडोली में कोलरवा ताजा जाने वाले कच्चे रास्ते पर उसकी मोटरसाइकिल के पास गणपतसिंह का शव मिला। शव पर गंभीर चोटों के निशान थे, जिससे स्पष्ट था कि उसकी हत्या की गई है। इस संबंध में पुलिस थाना रामसीन में धारा 103(1), 3(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक जालोर के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया। टीम ने तकनीकी साक्ष्य, मुखबिर सूचना और संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ के आधार पर मामले की गहन जांच की।

जांच के दौरान सामने आया कि हत्या के पीछे अवैध संबंधों और उससे जुड़ी ब्लैकमेलिंग का विवाद था। पुलिस ने इस मामले में तीन संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिनसे पूछताछ के बाद घटना का खुलासा हुआ। आरोपियों ने हत्या की बात स्वीकार कर ली।

पुलिस ने जिन तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनमें:

1. गजेंद्रसिंह पुत्र भंवरसिंह राजपूत, निवासी मांडोली, थाना रामसीन

2. बागाराम पुत्र कानाराम भील, निवासी मांडोली, थाना रामसीन

3. श्रीमती लच्छू देवी पत्नी सवाराम चौधरी, निवासी मांडोली, थाना रामसीन

पुलिस के अनुसार आरोपियों से गहन पूछताछ जारी है और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।

जालोर पुलिस की इस कार्रवाई को जिले में बड़ी सफलता माना जा रहा है, क्योंकि लंबे समय से यह मामला अनसुलझा था। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि वैज्ञानिक एवं तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर की गई जांच से इस हत्या की गुत्थी सुलझाने में महत्वपूर्ण सफलता मिली है।