बाड़मेर जिले के बाखासर रण में 26 मार्च 2026 को एक ऐतिहासिक और भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। रूमा देवी फाउंडेशन के तत्वावधान में आयोजित 'वाणी उत्सव – रण की गूंज' नामक इस संगीत संध्या में लोक संस्कृति, संगीत और कला का अनोखा संगम देखने को मिलेगा।

कार्यक्रम की रूपरेखा और समय

यह संगीत संध्या शाम 4 बजे शुरू होकर रात्रि 12 बजे तक चलेगी। पूरे आठ घंटे तक चलने वाले इस उत्सव में राजस्थान, गुजरात और मध्य प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों के मशहूर कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे। लोक गीत, संगीत और पारंपरिक कलाओं के माध्यम से रण की धरती पर सांस्कृतिक विरासत को नई ऊर्जा मिलेगी।

रूमा देवी फाउंडेशन का प्रयास

रूमा देवी फाउंडेशन द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम न सिर्फ मनोरंजन का माध्यम है, बल्कि राजस्थानी लोक संस्कृति को संरक्षित और प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है। फाउंडेशन पिछले कई वर्षों से ग्रामीण क्षेत्रों में सांस्कृतिक जागरूकता और कला को बढ़ावा देने का काम कर रहा है। बाखासर रण जैसे ऐतिहासिक स्थल पर इस उत्सव का आयोजन क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को और मजबूत करेगा।

कलाकारों और दर्शकों का उत्साह

कार्यक्रम में कई जनप्रतिनिधियों के साथ-साथ स्थानीय लोगों और पर्यटकों की भारी भीड़ के पहुंचने की संभावना है। हजारों दर्शक इस भव्य आयोजन का हिस्सा बनने के लिए बाखासर रण पहुंचेंगे, जिससे पूरा क्षेत्र उत्सव जैसा माहौल बन जाएगा। विभिन्न राज्यों के कलाकार अपनी अनूठी प्रस्तुतियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध करने वाले हैं।

आयोजकों का आह्वान

आयोजकों ने क्षेत्रवासियों और आमजन से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर इस ऐतिहासिक संगीत संध्या का हिस्सा बनें। उन्होंने कहा कि 'रण की गूंज' न सिर्फ एक कार्यक्रम है, बल्कि रेगिस्तानी संस्कृति की जीवंतता को दुनिया के सामने पेश करने का एक अनोखा अवसर भी है।