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<title>Nav 18 Hindi &#45; : शिक्षा</title>
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<description>Nav 18 Hindi &#45; : शिक्षा</description>
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<dc:rights>© 2026 Nav 18 Hindi | All rights reserved.</dc:rights>

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<title>राजस्थान बोर्ड 10वीं रिजल्ट 2026: RBSE Rajasthan 10वीं का रिजल्ट जारी</title>
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<description><![CDATA[ RBSE 10वीं रिजल्ट लाइव अपडेट: जानें rajeduboard पर रिजल्ट कैसे चेक करें। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 24 Mar 2026 12:00:05 +0530</pubDate>
<dc:creator>JR Choudhary</dc:creator>
<media:keywords>RBSE 10th result 2026, Rajasthan Board result, RBSE result date, rajeduboard result, class 10 result Rajasthan</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p data-start="412" data-end="742">राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) द्वारा आयोजित कक्षा 10वीं की परीक्षा का परिणाम आज दोपहर 1 बजे जारी किया जाएगा। बोर्ड की ओर से इसकी आधिकारिक पुष्टि कर दी गई है, जिससे लाखों छात्रों का इंतजार अब खत्म होने जा रहा है। परीक्षा में शामिल छात्र अपना रिजल्ट बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट rajeduboard.rajasthan.gov.in पर जाकर देख सकेंगे।</p>
<p data-start="744" data-end="1056">इस वर्ष RBSE 10वीं की परीक्षा में प्रदेशभर से बड़ी संख्या में छात्रों ने भाग लिया था। परीक्षा समाप्त होने के बाद से ही छात्र और अभिभावक परिणाम की घोषणा का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>हेल्थ मैनेजमेंट एजुकेशन को बढ़ावा देने के लिए IIHMR और Shobhit यूनिवर्सिटी के बीच MoU</title>
<link>https://www.nav18.in/education/iihmr-shobhit-university-mou-health-management</link>
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<description><![CDATA[ IIHMR और Shobhit यूनिवर्सिटी ने हेल्थ मैनेजमेंट शिक्षा व रिसर्च को बढ़ावा देने के लिए MoU साइन किया। ]]></description>
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<pubDate>Fri, 20 Mar 2026 01:04:33 +0530</pubDate>
<dc:creator>JR Choudhary</dc:creator>
<media:keywords>IIHMR University, Shobhit University, health management education, MoU India, healthcare research, skill development</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p data-start="496" data-end="870"><strong>जयपुर, 19 मार्च 2026:</strong> हेल्थ मैनेजमेंट शिक्षा और अनुसंधान को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए <span class="whitespace-normal">IIHMR University</span> और <span class="whitespace-normal">Shobhit University</span> के बीच तीन वर्ष के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। यह साझेदारी स्वास्थ्य क्षेत्र में शैक्षणिक उत्कृष्टता, अनुसंधान और कौशल विकास को नई दिशा देने का लक्ष्य रखती है।</p>
<p data-start="872" data-end="1233">इस MoU के तहत दोनों संस्थान संयुक्त रूप से विभिन्न शैक्षणिक और शोध गतिविधियों को आगे बढ़ाएंगे। इनमें जॉइंट रिसर्च प्रोजेक्ट्स, फैकल्टी एक्सचेंज प्रोग्राम और छात्रों के लिए शैक्षणिक व सह-पाठ्यक्रम गतिविधियाँ शामिल हैं। इस सहयोग के माध्यम से न केवल ज्ञान का आदान-प्रदान होगा, बल्कि छात्रों को व्यावहारिक अनुभव और उद्योग की जरूरतों के अनुरूप कौशल भी प्राप्त होंगे।</p>
<p data-start="1235" data-end="1585">इसके अलावा, दोनों विश्वविद्यालय मिलकर वर्कशॉप, सेमिनार और प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन करेंगे, जिनका उद्देश्य हेल्थ मैनेजमेंट क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देना और छात्रों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना है। यह पहल विशेष रूप से उन छात्रों के लिए लाभकारी होगी जो स्वास्थ्य सेवाओं के प्रबंधन, नीति निर्माण और रिसर्च में करियर बनाना चाहते हैं।</p>
<p data-start="1587" data-end="1953"><span class="whitespace-normal">Dr. P. R. Sodani</span> ने इस अवसर पर कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में तेजी से बदलती चुनौतियों का सामना करने के लिए संस्थानों के बीच सहयोग अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यह साझेदारी छात्रों और फैकल्टी को सीखने और शोध के बेहतर अवसर प्रदान करेगी, साथ ही हेल्थकेयर सिस्टम के लिए नवाचार और साक्ष्य-आधारित समाधान विकसित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।</p>
<p data-start="1955" data-end="2212">इस समझौते पर औपचारिक हस्ताक्षर <span class="whitespace-normal">Dr. P. R. Sodani</span> और <span class="whitespace-normal">Prof. Ranjeet Singh</span> द्वारा किए गए, जिससे दोनों संस्थानों के बीच सहयोग की नई शुरुआत हुई। यह कदम उच्च शिक्षा संस्थानों के बीच रणनीतिक साझेदारी के महत्व को भी दर्शाता है।</p>
<p data-start="2214" data-end="2467">शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में इस प्रकार की पहलें देश में गुणवत्ता सुधार और नवाचार को बढ़ावा देती हैं। साथ ही, यह साझेदारी छात्रों को वैश्विक दृष्टिकोण प्रदान करने और उन्हें प्रतिस्पर्धी वातावरण के लिए तैयार करने में सहायक सिद्ध होगी।</p>
<p data-start="2469" data-end="2724">विशेषज्ञों का मानना है कि हेल्थ मैनेजमेंट जैसे उभरते हुए क्षेत्र में इस प्रकार के सहयोग से न केवल शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं की प्रभावशीलता भी बढ़ेगी। यह MoU भविष्य में कई नए अवसरों और परियोजनाओं का मार्ग प्रशस्त कर सकता है।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>आईआईटी मंडी में ‘एससीईई समर्थ्य 2026’ का आयोजन, शोध और नवाचार को मिलेगा नया मंच</title>
<link>https://www.nav18.in/education/iit-mandi-scee-samarthya-2026-research-symposium</link>
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<description><![CDATA[ आईआईटी मंडी के स्कूल ऑफ कम्प्यूटिंग एंड इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग द्वारा 14-15 मार्च 2026 को आयोजित होने वाला यह दो दिवसीय शोध संगोष्ठी पीएचडी शोधार्थियों को उनके कार्य प्रस्तुत करने का अवसर देगा। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 17 Mar 2026 11:10:48 +0530</pubDate>
<dc:creator>JR Choudhary</dc:creator>
<media:keywords>IIT Mandi, SCEE Samarthya 2026, research symposium, PhD scholars, poster presentation, computing engineering, electrical engineering, innovation platform, IIT Mandi event, Himachal Pradesh education</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>मंडी</strong>: भारत के अग्रणी आईआईटी संस्थानों में से एक भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मंडी के स्कूल ऑफ कम्प्यूटिंग एंड इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग (एससीईई) द्वारा एससीईई समर्थ्य 2026 के तीसरे संस्करण का आयोजन किया जा रहा है। यह दो दिवसीय शोध संगोष्ठी 14–15 मार्च, 2026 को आईआईटी मंडी परिसर में आयोजित होगी।</p>
<p>एससीईई समर्थ्य 2026 पीएचडी शोधार्थियों और शोध छात्रों के लिए एक विशिष्ट मंच के रूप में कार्य करेगा, जहाँ वे पोस्टर प्रस्तुति के माध्यम से अपने शोध कार्य प्रस्तुत करेंगे। इस संगोष्ठी का उद्देश्य संस्थान के भीतर ज्ञान के आदान-प्रदान को बढ़ावा देना और अंतर्विषयी संवाद के वातावरण को प्रोत्साहित करना है।</p>
<p>इस संगोष्ठी में एससीईई में संचालित विभिन्न शोध गतिविधियों को प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाएगा। इनमें इंटेलिजेंट सिस्टम्स एंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इंटेलिजेंट कम्युनिकेशन सिस्टम्स, पावर इलेक्ट्रॉनिक्स एंड ड्राइव्स, कंट्रोल एंड ऑटोमेशन तथा वीएलएसआई एंड डिजिटल टेक्नोलॉजीज जैसे क्षेत्र शामिल हैं।<br>इस संगोष्ठी का मुख्य आकर्षण रिसर्च पोस्टर प्रदर्शनी होगा, जिसमें शोधार्थी अपने शोध कार्य प्रस्तुत करेंगे और संकाय सदस्यों, छात्रों तथा अन्य शोधार्थियों के साथ संवाद करेंगे। संकाय सदस्यों का एक पैनल पोस्टर प्रस्तुतियों का मूल्यांकन करेगा और उत्कृष्ट शोध योगदान तथा नवोन्मेषी विचारों के लिए ‘बेस्ट पोस्टर अवॉर्ड’ प्रदान किए जाएंगे।</p>
<p>एससीईई समर्थ्य के तीसरे संस्करण के रूप में आयोजित यह संगोष्ठी स्कूल के भीतर एक गतिशील अकादमिक मंच तैयार करने का प्रयास है, जो ज्ञान के प्रसार, आपसी सहयोग और शोध उपलब्धियों की पहचान को प्रोत्साहित करेगा।</p>
<p>इस पहल पर बोलते हुए आईआईटी मंडी के निदेशक प्रोफेसर लक्ष्मीधर बेहरा ने कहा,<br>“एससीईई समर्थ्य का तीसरा संस्करण युवा शोधार्थियों के बीच मजबूत शोध संस्कृति को बढ़ावा देने के प्रति आईआईटी मंडी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इस तरह के मंच हमारे शोधार्थियों को अपने कार्य प्रस्तुत करने और सार्थक अकादमिक चर्चाओं में भाग लेने का अवसर प्रदान करते हैं। आज के तेजी से बदलते आधुनिक दौर में शोध ही नवाचार और विकास के नए मानक स्थापित करने का माध्यम है।”</p>
<p>इस अवसर पर एससीईई, आईआईटी मंडी के चेयरपर्सन डॉ. आदित्य निगम ने कहा,<br>“सहयोग और संवाद के माध्यम से शोध और अधिक सशक्त बनता है। एससीईई समर्थ्य 2026 के जरिए हम अपने युवा शोधार्थियों को अपने शोध कार्य प्रस्तुत करने, महत्वपूर्ण प्रतिक्रिया प्राप्त करने और नए अकादमिक संपर्क स्थापित करने का अवसर प्रदान करेंगे।”</p>
<p>अकादमिक प्रस्तुतियों के अलावा, इस संगोष्ठी में समुदाय के भीतर सहभागिता बढ़ाने के उद्देश्य से कई गतिविधियों का भी आयोजन किया जाएगा। इनमें सांस्कृतिक संध्या शामिल होगी, जिसमें छात्र और संकाय सदस्य अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से संस्थान की रचनात्मक प्रतिभा को प्रदर्शित करेंगे। इसके साथ ही मूवी स्क्रीनिंग और सामुदायिक रात्रिभोज का भी आयोजन किया जाएगा।</p>
<p>एससीईई समर्थ्य जैसी पहलों के माध्यम से आईआईटी मंडी शोध उत्कृष्टता, नवाचार और अंतर्विषयी सहयोग को प्रोत्साहित करते हुए अपने जीवंत अकादमिक वातावरण को और सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर प्रयासरत है।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>महिला सशक्तिकरण और साहित्य पर चर्चा के साथ जयपुर एजुकेशन समिट का समापन</title>
<link>https://www.nav18.in/education/jaipur-education-summit-women-empowerment-literature</link>
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<description><![CDATA[ शिक्षा, समाज और समकालीन मुद्दों पर राष्ट्रीय विमर्श को मंच देने वाला जयपुर एजुकेशन समिट (जेईएस) अपने सातवें संस्करण के समापन के साथ एक बार फिर वैचारिक और सांस्कृतिक अभिव्यक्ति का सशक्त उदाहरण बना। ]]></description>
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<pubDate>Wed, 28 Jan 2026 17:52:23 +0530</pubDate>
<dc:creator>JR Choudhary</dc:creator>
<media:keywords>Women Empowerment, Jaipur Education Summit, Education Conference, Women Leadership, Indian Literature</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>हैशटैग नहीं, हकीकत है सशक्तिकरण: तिलोनिया मॉडल गांव की महिलाओं ने रखी बात</strong></p>
<p><b><i>जयपुर | 24 जनवरी 2026:</i></b> शिक्षा, समाज और समकालीन मुद्दों पर राष्ट्रीय विमर्श को मंच देने वाला जयपुर एजुकेशन समिट (जेईएस) अपने सातवें संस्करण के समापन के साथ एक बार फिर वैचारिक और सांस्कृतिक अभिव्यक्ति का सशक्त उदाहरण बना। समापन दिवस का मुख्य आकर्षण रहा सत्र “सच में हो रहा महिला सशक्तिकरण या सिर्फ हैशटैग”, जिसमें तिलोनिया मॉडल गांव से जुड़ी सामाजिक कार्यकर्ता नौरोती देवी, कमला मेघवंशी और डॉ. श्रद्धा आर्य ने जमीनी हकीकत और सोशल मीडिया आधारित सशक्तिकरण के अंतर पर गहन विमर्श किया। वक्ताओं ने कहा कि असली सशक्तिकरण आंकड़ों और पोस्ट से नहीं, बल्कि गांवों की महिलाओं के जीवन में आए वास्तविक बदलाव से मापा जाना चाहिए।</p>
<p>इस अवसर पर हॉलिस्टिक लाइफ कोच राजेश्वरी ने भी जीवन मूल्यों और आत्मनिर्भरता पर उपयोगी लाइफ टिप्स साझा किए। इस अवसर पर सेंट ज़ेवियर्स स्कूल नेवटा के प्रिंसिपल फादर संगीत राज, मुख्य आयोजक सुनील नारनौलिया, क्रेडेंट टीवी की टीम मानसी वर्मा, प्राप्ति, कुबेर भाटी, राज नारनौलिया, उपस्थित रहे।</p>
<p>समापन अवसर पर समिट के सेंट ज़ेवियर्स स्कूल नेवटा के प्रिंसिपल और सह आयोजक फादर संगीत राज एसजे ने कहा: “जयपुर एजुकेशन समिट का उद्देश्य केवल संवाद करना नहीं, बल्कि समाज को सोचने की दिशा देना है। अगला संस्करण और अधिक व्यापक स्तर पर आयोजित किया जाएगा, जिसमें ग्रामीण शिक्षा, डिजिटल असमानता और रोजगारपरक शिक्षा जैसे मुद्दों को विशेष फोकस में रखा जाएगा।”</p>
<div class="separator"><a href="https://blogger.googleusercontent.com/img/b/R29vZ2xl/AVvXsEgL1YbynA2WNuuk4hCJKhuLWD8ZG-JhK5DJbR9_f11qZ1MdeYIn1Di1xj12tAo7ACqeb2DLH3Rahl8ypROYYYDzC4uPMXxgIv4jOhHKGKkifbsD3PM7myK7xLE4OKF2eBmqVhKiv0kSWfC06-ALNCHC7XDCRYkL6_df48UlRYVWG5TJnb1RYmPeIUea2go/s1600/Jaipur%20Education%20Summit1.webp" imageanchor="1"><img border="0" data-original-height="900" data-original-width="1600" height="315" src="https://blogger.googleusercontent.com/img/b/R29vZ2xl/AVvXsEgL1YbynA2WNuuk4hCJKhuLWD8ZG-JhK5DJbR9_f11qZ1MdeYIn1Di1xj12tAo7ACqeb2DLH3Rahl8ypROYYYDzC4uPMXxgIv4jOhHKGKkifbsD3PM7myK7xLE4OKF2eBmqVhKiv0kSWfC06-ALNCHC7XDCRYkL6_df48UlRYVWG5TJnb1RYmPeIUea2go/w640-h360/Jaipur%20Education%20Summit1.webp" width="560" style="display: block; margin-left: auto; margin-right: auto;"></a></div>
<p></p>
<p>समापन दिवस का दूसरा महत्वपूर्ण सत्र रहा “क्या टिक-टॉक के युग में साहित्य अभी भी प्रासंगिक है?” इस सत्र में एएसपी सुनील प्रसाद शर्मा, लेखक मनोज वार्ष्णेय और कवि-लेखक अनुराग वाजपेयी ने साहित्य की भूमिका पर सार्थक संवाद किया। वक्ताओं ने कहा कि डिजिटल दौर में भले ही कंटेंट का स्वरूप बदला हो, लेकिन साहित्य आज भी समाज को सोचने, सवाल उठाने और संवेदनशील बनाने का माध्यम बना हुआ है।</p>
<p>इसके अतिरिक्त विभिन्न विचारोत्तेजक सत्रों में समाज, जीवन और आध्यात्म से जुड़े विषयों पर संवाद हुआ। “आवाज़ में असर, शब्दों में वज़न” सत्र में डॉ. फिरोज़ खान के साथ बातचीत करते हुए इकराम राजस्थानी, रेशमा खान और नेकी राम आर्य ने संवाद की शक्ति और भाषा की जिम्मेदारी पर विचार रखे।</p>
<p>“आध्यात्मिक यात्रा के पड़ाव” सत्र में सुनील नारनौलिया के साथ डॉ. रेमंड चेरुबिन, शास्त्री कौसलेंद्र और वीणा मोदानी ने जीवन दर्शन और आध्यात्मिक मूल्यों पर चर्चा की।</p>
<p>“शास्त्रों से समाधान तक” सत्र में मॉडरेटर डॉ. राकेश कुमार के साथ प्रो केके शर्मा और सिद्धस्वरूप दास ने आधुनिक समस्याओं के शास्त्रीय समाधान प्रस्तुत किए।</p>
<p>“पेरेंटिंग स्टाइल क्लैश” सत्र में मॉडरेटर तृप्ति प्रेमी के साथ फादर संगीत राज, प्रो. डॉ. शुभा शर्मा और सुनील नारनौलिया ने बदलती पेरेंटिंग शैली और बच्चों की मानसिक ज़रूरतों पर संवाद किया।</p>
<p>दिन का समापन एक विशेष फैशन शो के साथ हुआ, जिसमें भारतीय संस्कृति और वेस्टर्न फैशन के फ्यूजन की झलक प्रस्तुत की गई।</p>
<p>छह दिनों तक चले इस शिखर सम्मेलन में शिक्षा व्यवस्था, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सामाजिक न्याय, संविधान और प्रतिरोध, युवाओं की चुनौतियां, स्वास्थ्य, साहित्य, संस्कृति, महिला अधिकार, मीडिया की भूमिका और भविष्य की शिक्षा प्रणाली जैसे विविध विषयों पर सत्र आयोजित किए गए। देशभर से आए शिक्षाविदों, प्रशासनिक अधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, लेखकों और युवाओं ने इन सत्रों में सक्रिय भागीदारी की।</p>
<p><b>जयपुर एजुकेशन समिट:</b></p>
<p>प्रख्यात समाजसेवी स्वर्गीय श्री लक्ष्मण राम नारनौलिया जी की स्मृति में आयोजित यह शिक्षा का महाकुंभ केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि शिक्षा, समाज और मानवीय मूल्यों पर निरंतर चलने वाली एक वैचारिक यात्रा है।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी ने लॉन्च की इंडो&#45;नेपाल मैत्री स्कॉलरशिप</title>
<link>https://www.nav18.in/education/chandigarh-university-indo-nepal-75-years-celebration</link>
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<description><![CDATA[ इंडिया-नेपाल मैत्री के 75 वर्ष पूरे होने पर चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी ने नेपाली छात्रों के लिए नई स्कॉलरशिप शुरू की। ]]></description>
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<pubDate>Wed, 20 Aug 2025 17:24:11 +0530</pubDate>
<dc:creator>JR Choudhary</dc:creator>
<media:keywords>Chandigarh University, Indo-Nepal Friendship, Nepal students, scholarship launch, CU news, India Nepal relations, student scholarship</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p class="subheading"><em><strong>पिछले दस वर्षों में चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में उच्च शिक्षा हासिल करने वाले नेपाल के 745 स्टूडेंट्स को टॉप लीडिंग कंपनियों से मिले नौकरियों के ऑफर</strong></em></p>
<div>
<div class="toronto padding0">
<p><span><strong>काठमांडू, </strong><strong>नेपाल:  </strong></span><span>नेपाल के प्रतिभाशाली और आर्थिक तौर पर कमजोर स्टूडेंट्स के गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा प्राप्त करने के सपनों को साकार करने के उद्देश्य से भारत की अग्रणी यूनिवसिटी, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी ने भारत-नेपाल मैत्री, शांति और प्रेम की 75वीं वर्षगांठ का जशन मनाते हुए ’इंडो-नेपाल मैत्री स्कॉलरशिप-2025-26’ की शुरुआत की। इसका उद्घाटन समारोह के दौरान विशेष रुप से पहुंचे नेपाल के सोशल डेवल्पमेंट मंत्री धनश्याम भंडारी, नेपाल के शिक्षा, सेहत और आईटी कमेटी के चेयरपर्सन और प्रतिनिधि सभा के संसद सदस्य अम्मर बहादुर थापा, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के चांसलर के सलाहकार प्रोफैसर (डॉ.) आरएस बावा ने सांझे तौर पर किया गया। इस मौके चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी, मोहाली के इंटरनेशनल अफेयर्स के एक्सीक्यूटिव डायरेक्टर राजन शर्मा भी मौजूद रहे। इस स्काॅलरशिप के माध्यम से, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी, मोहाली और लखनऊ कैंपस में दाखिला लेने वाले नेपाल के स्टूडेंट्स के लिए 9.40 करोड़ रुपये सालाना की राशि का बजट भी आवंटित किया है। ताकि नेपाल के स्टूडेंट्स बिना किसी आर्थिक बाधा के अपनी पढ़ाई पूरी कर सकें।</span></p>
<p><span>चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के चांसलर के सलाहकार प्रोफैसर (डॉ.) आरएस बावा ने बताया कि भारत और नेपाल के बीच 3,000 वर्षों से भी अधिक समय से गहरे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंध रहे हैं, जो पौराणिक-महाकाव्य युग (रामायण और महाभारत) से लेकर लिच्छवि राजवंश तक, उनके संबंधों का आधार रहे हैं। आधुनिक युग में, नेपाल और भारत के आधिकारिक संबंधों को 1950 की शांति और मैत्री संधि पर हस्ताक्षर के समय से माना जाता है, जिससे 2025 में ये लगभग 75 वर्ष पूरे हो गए हैं। भारत-नेपाल मैत्री, शांति और प्रेम की 75वीं वर्षगांठ मनाते हुए, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी ने इंडो-नेपाल मैत्री स्कॉलरशिप की शुरुआत की है।</span></p>
<p><span>उन्होंने कहा कि भारत ने साइंस, हैल्थकेयर, इंफ्रास्ट्रक्चर, बिजली, शिक्षा, रक्षा, हवाई अड्डे और रेलवे, कृषि, आपदा राहत, साथ ही सांस्कृतिक और धार्मिक सहयोग सहित विभिन्न क्षेत्रों में नेपाल की सहायता करने में हमेशा एक ’बड़े भाई’ की भूमिका निभाई है। भारत स्कॉलरशिप, एक्सचेंज प्रोग्राम और एकेडमिक कोलेबोरेशन प्रदान करके नेपाल के स्टूडेंट्स को गुणवत्तापूर्ण वर्ल्ड क्लास एजुकेशन प्राप्त करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। भारतीय यूनिवर्सिटीज, जो अपने विविध प्रोग्राम्स और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त मानकों के लिए जाने जाते हैं, नेपाल के स्टूडेंट्स के लिए हमेशा पहली पसंद रहे हैं। इसलिए, नेपाल के स्टूडेंट्स के लिए गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा तक पहुंच बढ़ाने के दृष्टिकोण के साथ, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी ’इंडो-नेपाल मैत्री स्कॉलरशिप’ की घोषणा करते हुए गर्व महसूस हो रहा है।</span></p>
<p><span>प्रोफैसर (डॉ.) आरएस बावा ने कहा कि भारत की अग्रणी चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी, मोहाली द्वारा पिछले 13 वर्षों से स्टूडेंट्स को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा प्रदान की जा रही है। वहीं, जहां सीयू में नेपाल के स्टूडेंट्स को शिक्षा हासिल करने के लिए यहां से लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी। नेपाल के स्टूडेंट्स की सहुलियत और गुणवतापूर्ण उच्च शिक्षा के सपने को साकार करने के लिए लखनऊ, उत्तर प्रदेश में नजदीक ही शिक्षा भारत की पहली एआई ऑगमेंटेड मल्टीडिस्पलिनरी चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश, उन्नाव के नेक्सट जेनरेशन फ्यूचरिस्टिक कैंपस की शुरुआत की है। नेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड, नेपाल से 12वीं के सभी स्ट्रीम्स में पास होने नेपाल के स्टूडेंट्स को चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी मोहाली और लखनऊ दोनों कैंपस में ’इंडो-नेपाल मैत्री स्काॅलरशिप-2025-26’ के माध्यम से 50 प्रतिशत तक की स्काॅलरशिप प्रदान की जा रही है।</span></p>
<p><span>प्रोफैसर (डॉ.) आरएस बावा ने कहा कि पिछले 10 वर्षों से चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी, मोहाली में 1265 स्टूडेंट्स दाखिला ले चुके हैं, जिनमें इंजीनियरिंग में 450, हाॅटल मैनेजमैंट में 240, एमबीए में 180 और अन्य स्ट्रीम्स में दाखिला लिया है। इस दौरान नेपाल के इन सभी स्टूडेंट्स को सीयू, मोहाली द्वारा स्काॅलरशिप भी प्रदान की गई है।</span></p>
<p><span>प्रोफैसर (डॉ.) आरएस बावा ने बताया कि चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स का प्लेसमेंट रिकाॅर्ड भी शानदार रहा है। यहां पर पढ़ने वाले नेपाल 745 स्टूडेंट्स को चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में करवाई प्लेसमेंट ड्राइव के दौरान मल्टीनेशनल, भारतीय और नेपाल की कंपनियों से भी आॅफर मिले हैं। इनमें 521 स्टूडेंट्स को नेपाल में ही अच्छे सालाना पैकेज के साथ नौकरियों के आॅफर मिले हैं। जबकि 224 स्टूडेंट्स को भारतीय और मल्टीनेशनल कंपनियों से अच्छे सालाना पैकेज के साथ नौकरियों के आॅफर मिले हैं।</span></p>
<p><span> प्रोफैसर (डॉ.) आरएस बावा ने बताया कि चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी मोहाली में उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले नेपाल के स्टूडेंट गोल्ड मेडलिस्ट धरुब कुमार, जिसने चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी मोहाली से 2021-22 से 2023-24 बैच में एमई-सिविल इंजीनियरिंग, कंस्ट्रक्शन टेक्नाॅलोजी एंड मैनेजमेंट में की है। उसे जापान की सेनमी कंपनी लिमिटेड से नौकरी का आॅफर मिला है जोकि सीएडी डिजाइन इंजीनियर पर सेवाएं निभा रहे हैं, जिसका सालाना पैकेज 3.8 मिलियन येन (भारतीय 22.51 लाख रुपये) है।  इसी तरह नेपाल के अभिषेक आनंद, जिसने चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी मोहाली से बैच 2015-2025 में बेचलर ऑफ इंजीनियर कंप्यूटर साइंस एंड एमबीए मार्किटिंग एंड फाइनांस  की शिक्षा हासिल की है। जोकि काठमांडू, नेपाल के इस्लिंग्टन कॉलेज में लेक्चरार और रीसर्च एंड डेवलप्मेंट हेड के तौर पर सेवाएं निभा रहा है, जिनका सालाना पैकेज 12.06 लाख रुपये है। इसके अलावा नेपाल के रहने वाले सूमन पोडेल, जिसने चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में 2017 बैच में बैचलर आॅफ इंजीनियरिंग कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग आॅनर्स कलाउड कंप्यूटिंग की है। जिसे नेपाल में टाॅप की तीन कंपनियों में शुमार लीपफरोग टेक्नाॅलोजी से 25 लाख रुपये सालाना का नौकरी का आॅफर मिला है, जोकि वहां पर सीनियर एआई इंजीनियर के पद पर सेवाएं निभा रहें हैं।</span></p>
<p><span>प्रोफैसर (डॉ.) आरएस बावा ने बताया कि चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी द्वारा उच्च शिक्षा के प्रति स्टूडेंट्स को प्रोत्साहित करने के लिए नेपाल की पांच यूनिवर्सिटीयों के साथ एमओयू किए हैं। इनमें सबसे ज्यादा अहम नेपाल की त्रिभूवन यूनिवर्सिटी काठमांडू के साथ एमओयू किया गया है। यह नेपाल की एकमात्र सबसे बड़ी और पूरानी यूनिवर्सिटी है। त्रिभूवन यूनिवर्सिटी में कई शोध केंद्र हैं जो नेपाल और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ मिलकर शोध, संगोष्ठी और ट्रेनिंग प्रोग्राम आयोजित करते हैं। इन एमओयू के साथ नेपाल के स्टूडेंट्स को भी उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए मदद मिल रही है।</span></p>
<p><span> प्रोफैसर (डॉ.) आरएस बावा ने कहा कि चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी की रैंकिंग का जिक्र करते हुएक कहा कि सीयू ने एक बार फिर प्रतिष्ठित क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2026 में प्रभावशाली प्रगति की है। इसने 125 पायदान की छलांग लगाकर दुनिया में 575वां स्थान प्राप्त किया है और दुनिया भर की शीर्ष 2 प्रतिशन यूनिवर्सिटीयों की सूची में शामिल हो गई है।</span></p>
<p><span>प्रोफेसर (डॉ.) बावा ने कहा कि क्यूएस एशिया यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2025 में, यूनिवर्सिटी को भारत के सभी निजी यूनिवर्सिटियों में नंबर 1 यूनिवर्सिटी का दर्जा प्राप्त है। क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग बाय सब्जेक्ट 2025 में, हार्वर्ड यूनिवर्सिटी, यूनिवर्सिटी ऑफ ऑक्सफोर्ड, स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी, यूनिवर्सिटी ऑफ कैम्ब्रिज और इंपीरियल कॉलेज ऑफ लंदन जैसे दुनिया भर के शीर्ष 1500 ग्लोबल संस्थानों में शामिल है। चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी ने इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी में दुनिया की शीर्ष 231 यूनिवर्सिटियों में 231वीं रैंक हासिल की है। सब्जेक्ट रैंकिंग में, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी ने भारत में निजी यूनिवर्सिटियों के बीच सोशल साइंसेज और मैनेजमेंट में पहला और इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी में दूसरा रैंक हासिल करके उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है।</span></p>
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<title>आईआईएम संबलपुर ने एमबीए बिज़नेस एनालिटिक्स के पहले और 11वें एमबीए बैच का किया स्वागत</title>
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<description><![CDATA[ आईआईएम संबलपुर ने एमबीए बिज़नेस एनालिटिक्स के पहले और फ्लैगशिप एमबीए प्रोग्राम के 11वें बैच का स्वागत किया। ]]></description>
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<pubDate>Fri, 04 Jul 2025 17:07:26 +0530</pubDate>
<dc:creator>JR Choudhary</dc:creator>
<media:keywords>IIM Sambalpur MBA 2025, MBA in Business Analytics IIM, IIM Sambalpur orientation, IIM Sambalpur 11th MBA batch, sustainable city Sambalpur, IIM Sambalpur Director Mahadeo Jaiswal, MBA batch diversity, Indian B-schools 2025, IIM MBA admissions, IIM Sambalpur highlights</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><em><strong>“हमारा उद्देश्य संबलपुर को भारत का पहला सस्टेनेबल सिटी बनाना” – प्रो. महादेव जायसवाल, डायरेक्टर, आईआईएम संबलपुर</strong></em></p>
<p><strong>संबलपुर</strong>: देश के सबसे प्रगतिशील और तेजी से उभरते भारतीय प्रबंधन संस्थानों में से एक, आईआईएम संबलपुर, जो अपनी उत्कृष्टता और विविधता के लिए जाना जाता है, ने शैक्षणिक उत्कृष्टता की परंपरा को बनाए रखते हुए 2025–2027 के लिए प्रवेश सत्र में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। इस वर्ष आईआईएम संबलपुर ने इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि वाले छात्रों की संख्या में 5% की हल्की वृद्धि दर्ज की है, जो संस्थान के नवप्रारंभित एमबीए इन बिज़नेस एनालिटिक्स (एमबीए-बीए) प्रोग्राम और फ्लैगशिप एमबीए प्रोग्राम के 11वें बैच – दोनों में स्पष्ट रूप से परिलक्षित होती है।<br>आईआईएम संबलपुर के मूल मूल्यों – इंक्लूसिविटी, इंटेग्रिटी और इनोवेशन – के अनुरूप, इस वर्ष के एमबीए बैच में तीन ऐसे छात्र भी शामिल हैं, जो शारीरिक और गतिशीलता से जुड़ी चुनौतियों का सामना करते हैं।<br>कुल 363 छात्रों में से 186 छात्रों (51.24%) के पास इंजीनियरिंग डिग्री है, जबकि 48.76% छात्र गैर-इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि से आते हैं। एमबीए-बीए प्रोग्राम में इंजीनियरिंग छात्रों की हिस्सेदारी 61.70% है, जबकि फ्लैगशिप एमबीए प्रोग्राम में यह आंकड़ा लगभग बराबर है – 49.68% इंजीनियरिंग और 50.32% गैर-इंजीनियरिंग छात्र।<br>एमबीए-बीए कोहोर्ट की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसके 100% छात्रों के पास पूर्व कार्यानुभव है, जिससे प्रोग्राम की व्यावहारिक प्रासंगिकता और उद्योग के अनुकूलता में इज़ाफा हुआ है। इस अकादमिक विविधता के साथ-साथ जेंडर बैलेंस भी उल्लेखनीय रहा – कुल बैच में 33% महिला और 67% पुरुष छात्र हैं। फ्लैगशिप एमबीए प्रोग्राम में 38% महिलाएं और 62% पुरुष हैं, जबकि एमबीए-बीए में 5% महिलाएं और 95% पुरुष छात्र हैं।<br>डिसिप्लिनरी विविधता की बात करें तो इंजीनियरिंग से आगे बढ़ते हुए लगभग 20% छात्र कॉमर्स और अकाउंटेंसी, 9% छात्र विज्ञान, 8% मैनेजमेंट से संबंधित कोर्स, और 4% आर्ट्स से हैं। इसके अतिरिक्त, बैच में ऐसे छात्र भी हैं जिनके पास एग्रीकल्चर, हॉर्टीकल्चर, फार्मेसी, लॉ, जर्नलिज्म, फैशन टेक्नोलॉजी, डेंटिस्ट्री, होटल एंड टूरिज्म मैनेजमेंट और शिपिंग जैसे विशेषीकृत क्षेत्रों की डिग्रियां हैं।<br>पूरे बैच में से 75% छात्रों के पास पूर्व कार्यानुभव है। एमबीए प्रोग्राम में यह आंकड़ा 72% है, जबकि एमबीए-बीए में सभी छात्रों को कम से कम एक वर्ष का इंडस्ट्री एक्सपोज़र है। एमबीए बैच में 4% छात्र एक वर्ष से कम अनुभव के साथ, 19% छात्र एक से दो वर्ष, 43% छात्र दो से तीन वर्ष, और 6% छात्र तीन वर्ष से अधिक के कार्यानुभव के साथ शामिल हुए हैं। वहीं, एमबीए-बीए में 49% छात्र एक से दो वर्ष, 36% छात्र दो से तीन वर्ष और 15% छात्र तीन से चार वर्ष के अनुभव के साथ हैं।<br>सेक्टोरल डाइवर्सिटी भी विशेष उल्लेखनीय है – जिसमें सूचना प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग, इंडस्ट्रियल रोल्स, बैंकिंग एंड फाइनेंशियल सर्विसेज, कंसल्टिंग, रिटेल और एफएमसीजी, एजुकेशन और एडटेक, फार्मास्युटिकल्स एंड हेल्थकेयर, सेल्स एंड मार्केटिंग, ई-कॉमर्स, लीगल सर्विसेज, टेलीकॉम और कई अन्य विशेष क्षेत्रों के प्रतिनिधित्व शामिल हैं।<br>भौगोलिक दृष्टिकोण से, यह बैच भारत के लगभग सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से आया है, जिनमें अंडमान और निकोबार द्वीप समूह भी शामिल हैं। राज्यवार देखा जाए तो महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश से क्रमशः 13% और 12% छात्र हैं, उसके बाद मध्य प्रदेश, ओडिशा, दिल्ली, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना, राजस्थान, झारखंड, बिहार, तमिलनाडु, केरल और गुजरात का स्थान आता है।<br>उद्घाटन समारोह में विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति रही – वी. श्रीनिवास, आईएएस, सचिव, डीएआरपीजी, भारत सरकार मुख्य अतिथि के रूप में; राजीव कुमार, सीईओ, वेदांता एल्युमिनियम विशिष्ट अतिथि के रूप में; और समीर कुमार, कंट्री मैनेजर, अमेज़न इंडिया कीनोट स्पीकर के रूप में उपस्थित रहे। साथ ही डायरेक्टर प्रो. महादेव जायसवाल, फैकल्टी सदस्य और छात्रगण भी कार्यक्रम में उपस्थित थे।<br>अपने स्वागत भाषण में प्रो. महादेव जायसवाल ने कहा, “भारत का 10वीं से 4वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनना डिजिटल इंडिया, स्किल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया और मेक इन इंडिया जैसे साहसिक सुधारों का परिणाम है। अब समय है एक और पहल जोड़ने का – ‘ब्रांड इन इंडिया’। आईआईएम संबलपुर में हमारा उद्देश्य है संबलपुर को भारत का पहला सस्टेनेबल सिटी बनाना, जिसके लिए हमें सरकार का सहयोग चाहिए।”<br>उन्होंने कहा, “हम ऐसे लीडर्स तैयार कर रहे हैं जो जॉब-सीकर्स नहीं बल्कि जॉब-क्रिएटर्स हैं। हमने जेंडर पैरिटी, मास्टर वीवर प्रोग्राम के ज़रिए परंपरागत बुनकरों को सशक्त बनाना, और एआई-समर्थित क्लासरूम डिस्कशन जैसे कई नवाचार किए हैं। हमारी तीन ‘I’ वैल्यूज – इनोवेशन, इंटेग्रिटी और इंक्लूसिवनेस, भारतीय दर्शन पर आधारित हैं। हमारा 3D एक्शन लेंस – डिजिटलीज़ेशन, डिकार्बोनाइजेशन और डेमोक्रेटाइजेशन ऑफ बिज़नेस – हमें भविष्य के लिए तैयार करता है। आईआईएम संबलपुर केवल मैनेजर्स नहीं, बल्कि ऐसे जिम्मेदार नेता तैयार कर रहा है जो **माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ के विजन को साकार कर सकें।”<br>श्री वी. श्रीनिवास, सचिव, डीएआरपीजी, भारत सरकार ने कहा, “स्पेस, बायोटेक, सेमीकंडक्टर्स, एनर्जी और रोबोटिक्स जैसे सभी क्षेत्रों में भारत तकनीकी क्रांति के युग में प्रवेश कर चुका है। ‘मैक्सिमम गवर्नेंस, मिनिमम गवर्नमेंट’ की नीति ने 100% पेपरलेस सेक्रेटेरिएट, दुनिया का सबसे बड़ा एआई सक्षम शिकायत निवारण प्लेटफॉर्म, और 20 से अधिक अनुपयोगी नियमों को हटाने जैसे ठोस कदमों को साकार किया है।”<br>उन्होंने आगे कहा, “आईआईएम संबलपुर का फॉरवर्ड-लुकिंग एमबीए इन बिज़नेस एनालिटिक्स प्रोग्राम इस नेशनल जर्नी को दर्शाता है – जो डेटा पर आधारित है, इनोवेशन द्वारा संचालित है और एथिकल लीडरशिप द्वारा आकार लेता है।”<br>राजीव कुमार, सीईओ, वेदांता एल्युमिनियम ने कहा, “35 वर्षों के इंडस्ट्री अनुभव से कह सकता हूँ कि लीडरशिप किताबों में नहीं मिलती, यह आत्मविश्लेषण से बनती है। हर पखवाड़े खुद से पूछिए – क्या चीज़ मुझे मैड, बैड, सैड और ग्लैड बनाती है? यही सवाल आपको सच्चे इंसान बनाएंगे।”<br>उन्होंने आगे कहा, “अपने कम्फर्ट ज़ोन से बाहर आइए, तभी असली ग्रोथ संभव है। हम्बल, हंग्री और हार्डवर्किंग – इन 3H को आईआईएम संबलपुर के 3I के साथ जोड़िए, और आप पाएंगे कि आपके बैंक में ‘CASH’ के साथ-साथ ‘KASH’ – नॉलेज, एटीट्यूड, स्किल और हैबिट भी बढ़ रहा है।”<br>समीर कुमार, कंट्री मैनेजर, अमेज़न इंडिया ने अपने जीवन के अनुभव साझा करते हुए कहा, “आईटी से लेकर फाइनेंस और फिर बिज़नेस तक की मेरी यात्रा रोमांचक रही है। छात्रों को उन्होंने परिश्रम और पैशन के साथ चलने की सलाह दी, साथ ही कहा कि सफलता में ‘लक’ भी एक अहम भूमिका निभाता है।”<br>इससे पूर्व प्रो. दीप्तरंजन महापात्र, डीन – अकादमिक्स ने स्वागत भाषण दिया। प्रो. सिद्धार्थ जी. माझी, चेयर – एडमिशन ने 11वें एमबीए और पहले एमबीए-बीए बैच का परिचय दिया। प्रो. शुभि गुप्ता, चेयर – पीजीपी ने एमबीए प्रोग्राम का, और प्रो. सौम्यरंजन साहू, चेयर – एमबीए-बीए ने एमबीए-बीए प्रोग्राम का परिचय दिया। प्रो. सौम्य गुहा देब, चेयर – रैंकिंग एवं एक्रिडिटेशन ने संस्थान की अब तक की मान्यता यात्रा पर प्रकाश डाला। अंत में धन्यवाद ज्ञापन प्रो. दिवाहर एस. नाडार, चेयर – एसएसी ने किया।<br>पूरे दिन चले कार्यक्रम में एमबीए और एमबीए-बीए कोहोर्ट्स के लिए ओरिएंटेशन सत्र भी आयोजित किए गए, जिसमें एमबीए ऑर्डिनेंस पर प्रो. शुभि गुप्ता, एमबीए-बीए ऑर्डिनेंस पर प्रो. सौम्यरंजन साहू, और एंटी रैगिंग नीतियों पर प्रो. राहुल सिंधवानी ने विस्तार से जानकारी दी।</p>]]> </content:encoded>
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<title>किसानों को नवीन कृषि तकनीक को अपनाने की जरूरत &#45; मंत्री भागीरथ चौधरी</title>
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<pubDate>Wed, 25 Jun 2025 16:38:42 +0530</pubDate>
<dc:creator>JR Choudhary</dc:creator>
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<content:encoded><![CDATA[<p><b>उदयपुर </b>. प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी  ने 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का आह्वान किया है कृषि और कृषि संबंधित गतिविधियां राष्ट्र के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में लगभग 18 प्रतिशत का योगदान हैं और इसलिए कृषि को विकसित किये बिना विकसित राष्ट्र का लक्ष्य प्राप्त नहीं किया जा सकता इस उद्देश्य से  कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विकसित कृषि के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए 29 मई 2025 से 12 जून 2025 तक 15 दिनों के पूर्व-खरीफ विकसित कृषि संकल्प अभियान की परिकल्पना की है।  यह बात मावली के पलाना कला ग्राम में भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा संपूर्ण भारतवर्ष में चलाए जा रहे विकसित कृषि संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित कृषक गोष्ठी में बतौर मुख्य अतिथि केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण राज्य मंत्री श्री भागीरथ चौधरी ने कहीं । उन्होंने कहा कि देश में हर दिन 2000 से अधिक कृषि वैज्ञानिकों की टीमें लगभग 6000 गांवों का दौरा कर किसान समुदाय को लाभान्वित कर रही हैं। उन्होंने कहा कि उदयपुर एक आदिवासी बहुल क्षेत्र है, जहां 49 प्रतिशत से अधिक किसान आदिवासी हैं। जिले में 70 प्रतिशत से अधिक किसानों के पास 1 हेक्टेयर से कम भूमि है। बरसात के मौसम में अधिकांश पानी बहकर चला जाता है अतः इस  क्षेत्र के लोगों को जल संरक्षण के उन्नत तकनीक को अपनाने होगा।</p>
<p><br>कुलगुरु, महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय उदयपुर के डॉ अजीत कुमार कर्नाटक ने विश्वविद्यालय द्वारा विकसित खरीफ फसलो की नवीन किस्मों के बारे में बताते हुए कहा कि आजादी के अमृतकाल में हमारा भारतवर्ष खाद्यान्न सहित कई क्षेत्रों में आत्मनिर्भर जरूर है लेकिन बढ़ती आबादी के मद्देनजर हर क्षेत्र में उपलब्धियां अनवरत जारी रहनी चाहिए और धरतीपुत्र किसान को नवीनतम तकनीक के साथ प्रोत्साहन भी जरूरी है और कहा कि इस अभियान में विश्वविद्यालय  बढ़-चढ़ कर भागीदारी निभा रहा है। डॉ कर्नाटक ने कहा कि देश में सीमित प्राकृतिक संसाधनों के बावजूद खाद्यान्न, दूध, फल व सब्जियां पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। वर्ष 1990-91 के दशक में देश का कुल गेहूं उत्पादन 55.14 मिलियन टन के मुकाबले वर्ष 2022-23 में 112.74 मिलियन टन पहुंच गया है जो एक रिकार्ड है लेकिन हमारे देश के कृषि वैज्ञानिक कुछ नया करने को बेताब है। किसानों के लिए यह प्री खरीफ अभियान मील का पत्थर साबित होगा। पूरे देश में इस तरह के महाअभियान का व्यापक असर आने वाले समय में दृष्टिगोचर होगा। इस सुअवसर पर राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी ने कृषि विश्वविद्यालय द्वारा तैयार ‘खरीफ फसल उत्पादन तकनीकी मार्गदर्शिका’ का विमोचन भी किया व विश्वविद्यालय द्वारा लगायी गयी उन्नत कृषि तकनीकी प्रदर्शनी का अवलोकन कर भूरी-भूरी प्रशंसा कर कुलगुरु को बधाइयां दी।<br><br>कार्यक्रम में सांसद सीपी जोशी, भूतपूर्व विधायक बद्रीलाल जाट, डॉ जय प्रकाश मिश्र डायरेक्ट अटारी जोधपुर, अतिरिक्त निदेशक कृषि जयपुर डॉ ईश्वर यादव, इफको से डॉ सुधीर मान तथा प्रकृति सेल से किशन चौधरी ने भी अपने विचार व्यक्त किए । इस अवसर पर विश्वविद्यालय से डॉ. आर. एल. सोनी, निदेशक प्रसार, डॉ. अरविन्द वर्मा निदेशक अनुसंधान, संयुक्त निदेशक कृषि डॉ. सुधीर वर्मा, डॉ. लतिका व्यास, डॉ. रविकान्त शर्मा, डॉ. अमित दाधिच, डॉ. हेमलता शर्मा, डॉ. डीपीएस डुडी, डॉ प्रफुल चंद भटनागर व बहुत बडी संख्या में किसान आदि मौजूद थे।<span><br></span></p>]]> </content:encoded>
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